अध्याय 174

समर की POV

मुझे लगा मिया मेरे बगल में एकदम सख़्त हो गई। उसकी तेज़-सी साँस सुनाई दी, जैसे वह अभी कोई चुभती हुई बात कहने वाली हो, लेकिन मैंने पहले बोल दिया—दिल की धड़कन बेकाबू थी, फिर भी मेरी आवाज़ स्थिर रही।

“रेस के लिए गुड लक, इवान।”

उसकी हँसी रूखी और कड़वी थी। “गुड लक? बस इतना ही कहना है तु...

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